बिटकॉइन का इतिहास | बिटकॉइन की जरूरत क्यों पड़ी? | why we used Bitcoin? Digital coin?

बिटकॉइन का इतिहास | बिटकॉइन की जरूरत क्यों पड़ी? | why we used Bitcoin? Digital coin?
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    बिटकॉइन को समझने से पहले करेंसी के इतिहास को समझिए !

    बिटकॉइन या क्रिप्टो करेंसी की आज जरूरत क्यों है ?
    दोस्तों पुराने समय में करेंसी पैसे नहीं होती थी।उस समय सामानों का लेनदेन एक प्रणाली के द्वारा किया करते थे । जिसे वस्तु विनिमय प्रणाली कही जाती है । इसमें सामानों का लेनदेन होता था । जैसे यदि राम को चावल चाहिए परंतु उसके पास गेहूं है और शान को गेहूं चाहिए परंतु उसके पास चावल है। तो वह एक-दूसरे के साथ सामानों का लेनदेन कर लेते थे। जिससे उनकी समस्या हल हो जाती थी। परंतु यह समीकरण सही नहीं थी । इसमें वस्तुओं के values का कोई ध्यान नहीं रखा जाता था।
    जैसे – महंगी चीजें सस्ती दामो  मे बेच दी जाती थी। समय के साथ में लोगों ने वस्तुओं की महत्व values को समझा और उन्होंने विचार किया कि हम इस प्रणाली से वस्तुओं की values को नहीं पहचान पा रहे हैं। हम सभी समान को बराबर ही माप रहे हैं तो इसी समय करेंसी की आवश्यकता पड़ी।

    गोल्ड करेंसी का इस्तेमाल

    वस्तुओं की values को ध्यान में रखते हुए लोगों ने कई प्रकार के वस्तुओं के सिक्के निकाले परंतु जो विश्व में सबसे अधिक मान्यता प्राप्त कर पाया वह था सोने का सिक्का ।

    सोने का सिक्का जितना पहले के समय अनमोल था। उतना ही आज भी है । सोने के सिक्का एक लिमिटेड धातु हैं। यह खराब जल्दी नहीं होती और यह ज्यादा समय तक चलती थी। जिसके कारण इसे महत्व अधिक महत्व मिला । इस प्रकार लोगों ने प्राचीन काल में गोल्ड करेंसी अपना लिया।

    सोने के सिक्के के नकारात्मक  परिणाम –

    सोने के सिक्के प्रयोग करने पर नकारात्मक परिणाम निकले सोने के सिक्के से खतरा जब लोग व्यापार करने के लिए सोने के सिक्के का प्रयोग करते थे । तब उनको अपना जान मान का खतरा होता था । जैसे जब वे एक जगह से दूसरी जगह सोने के सिक्के को ले जाते थे । तब यह डर बना रहता था कि कोई उसे लूटना ले ।

    बिटकॉइन का इतिहास | बिटकॉइन की जरूरत क्यों पड़ी? | why we used Bitcoin? Digital coin?

    एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मुसीबतें-

    सोने को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं था। क्योंकि सोने का आकार, भार  काफी होता था। जिसके कारण इससे काफी हानि होती थी।

    लेन-देन में असुविधा –

    यदि किसी को कम मात्रा में कोई सामान खरीदना होता था। तब वे सोने के इस सिक्के को प्रयोग नहीं कर पाते थे क्योंकि सोने का सिक्का अधिक महंगा होता था । वे उसे काट भी नहीं सकते थे क्योंकि इस समय सरकार ने सोने के सिक्के पर किसी भी प्रकार की काट छांट करने पर पाबंदी लगाई थी। क्योंकि सोना उसमें काफी अनमोल था और वह लिमिटेड भी था।

    चीन के द्वारा विश्व का पहला कागज का नोट बना-

    इस समस्याओं को दूर करने के लिए चीन के राजा ने अपने राज्य में एक उपाय निकाला। उन्होंने अपने राज्य के सभी सोने धारियों व्यापारियों को कहा कि आप अपना सोना मुझे दे मैं आपको उसके बदले इनके मूल्य के मुताबिक एक कागज पर छपा कर आपको दूंगा । यह कागज उतना ही मूल्यवान होगा जितना कि सोना। इस प्रणाली/ विधि काफी सफल हुई। जिसके कारण चीन के कई राजाओं ने इस कागज का नोट निकाला तथा इसका इस्तेमाल करने लगा।

    ठीक उसी प्रकार आज हमारे गवर्नमेंट सरकार हमारे गोल्ड के मुताबिक छपती है और हमें उसे इस्तेमाल करने के लिए देती है। उसका प्रयोग हम करते हैं ।
    नोट -आपने या ध्यान दिया होगा जब आप नोट का इस्तेमाल करते होंगे उसे नोट पर आरबीआई द्वारा या लिखा होता है कि मैं धारक को ₹2000 अदा करने का वचन देता हूं ।
    Note- यह ₹2000 के लिए था

    इस नोट को जरा समझिए यह एक आरबीआई द्वारा हमें इस्तेमाल करने के लिए दिया गया। एक वचन पत्र ही है। जो हमें सरकार प्रदान करती है । सरकार धन या सोने के मुताबिक ही नोट चाहती है ।

    नोट इस्तेमाल करने में एक आई मुसीबतें-

    नोट आसानी से फट सकती है। जिसका उपयोग हम नहीं कर सकते हैं । इसे अपने साथ curry करने में मुसीबतें हो सकती है । अपनी जान का खतरा हो सकता है । जब इसे हम कैरी करते हैं  तब हमे लुटा जा सकता हैं।

    ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने बैंक की स्थापना की ।

    बैंक का इस्तेमाल –

    बैंक का इस्तेमाल व्यापार और अपने कई निजी कामो के लिए करते है।। बैंक एक ऐसी सरकारी व्यवस्था है जिसकी मदद से हम अपना धन सुरक्षित एक जगह रख सकते हैं ।

    बैंक हमें लोन भी देती है। जिसकी मदद से हम अपना व्यापार को आगे बढ़ाते हैं । बैंक में कुछ इंटरेस्ट भी देती है । बैंक के आने से पैसे को कैरी करने की समस्या दूर हो गई। जिससे अब लोग देश में कहीं भी रहते थे उन्हें पैसे के लेन-देन में कोई भी रूकावट नहीं होती थी तथा इन्हें पैसा कैरी नहीं करना होता था।

    बैंक व्यवस्था के कुछ समस्या –

    बैंक का अपना नियम कानून होता है । जिसके कारण यदि हमें आपातकाल में लाखों रुपए की जरूरत है । तो बैंक हमें नहीं दे पाती है ।
    बैंक सुबह 9:00 बजे के बाद खुलती है तथा शाम 4:00 से 5:00 बजे बंद हो जाती है । जिससे धारक को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है ।

    इसी समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने डेबिट /क्रेडिट कार्ड का प्रचलन आरंभ किया ।

    अब लोगों को किसी भी समय में पैसे की लेनदेन हो जाती थी। धारक अब एटीएम का प्रयोग करके किसी भी समय पैसे को निकाल सकता था ।

    डेबिट /क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर समस्याएं –

    हमें एटीएम की सहायता से एक लिमिटेड तक ही मनी (money)निकाल सकते हैं । जिसके बाद में फिर से हमें बैंक का चक्कर काटना पड़ता था ।

    यह कार्ड के विषय में लोगों को काफी समस्याएं आती थी। जैसे या कार्ड हैक हो जाता था । जिसके कारण लोगों को काफी धन की हानि होती थी ।

    कई लोग तो इस्तेमाल करना ही नहीं जानते।

    इस problem को दूर करने के लिए सरकार ने नेट बैंकिंग का इस्तेमाल किया।

    नेट बैंकिंग के इस्तेमाल में समस्या –

    नेट बैंकिंग का इस्तेमाल पूरी तरह से इंटरनेट पर निर्भर है। इंटरनेट यदि नहीं हो तो हम नेट बैंकिंग का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे ।

    नेट बैंकिंग में पैसे सिर्फ नंबर से बने है । हम अपने नंबर का एक जगह से दूसरी जगह आदान प्रदान करते हैं। जिसकी सहायता से हमारा धन एक जगह से दूसरी जगह जाता है ।

    नेट बैंकिंग जब हम करते हैं तो हम सिर्फ नंबर की लेनदेन करते हैं । नेट बैंकिंग में सबसे बड़ी समस्या अकाउंट हैक होने की है।

    इस समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने वॉलेट का इस्तेमाल किया । जैसे- पेटीएम

    इस paytm wallets से हम जितना चाहे उतना पैसा इस्तेमाल कर लेते हैं ।ऑनलाइन इंटरनेट की सहायता से बिना हमारी नेट बैंकिंग के पासवर्ड को यूज किए बगैर अब हम पैसे की लेन देन कर लेते है।
    यही एक डिजिटल सिस्टम है ।

    वॉलेट प्रयोग करने में आई समस्याएं –

    हमें यदि व्यापार या किसी सामान को खरीदना है जो भारत में ही है तो हम इस पेटीएम वॉलेट का इस्तेमाल कर सकते है।

    परंतु यदि हमें विदेशों में अपना कुछ व्यापार करना है तो इस वॉलेट का इस्तेमाल हम नहीं कर सकते हैं। कई देशों में इस वॉलेट का उपयोग होता है परंतु सभी देशों में इस वॉलेट का उपयोग नहीं होता है । जिसके कारण यह भी एक बड़ी समस्या बन चुकी थी ।

    इसी समस्याओं को दूर करने के लिए विश्व में पहली बार क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल किया । जिसका नाम बिटकॉइन/Bitcoin था।

    बिटकॉइन के फायदे –

    बिटकॉइन का इतिहास | बिटकॉइन की जरूरत क्यों पड़ी? | why we used Bitcoin? Digital coin?

    बिटकॉइन एक  इंटरनेशनल एक्सेप्टेड कॉइन पैसा है। जिसको हम विश्व के लगभग सभी देशों में इसका प्रयोग कर सकते हैं। विश्व के कई बड़ी कंपनी जो बड़ी-बड़ी देशों में है वह अब बिटकॉइन की तरफ जाने लगी है ।

    अब हमें सिर्फ बिटकॉइन की सहायता से वर्ल्ड में कभी भी कहीं भी लेनदेन कर सकते हैं। विश्व के कई बड़े देश जैसे ऑस्ट्रेलिया ,जापान ,यूएसए ,कनाडा में बिटकॉइन को एक पैसे के रूप में एक्सेप्ट भी किया जाना आरंभ हो गया है।

    बिटकॉइन के प्रयोग के लिए कई देशों ने बिटकॉइन के एटीएम भी लगा दिए हैं । इस बिटकॉइन के एटीएम की सहायता से अब विश्व के कई देशों की लोकल करंसी का आसानी से इस्तेमाल हम कर सकते हैं।

    हम इस बिटकॉइन को बिटकॉइन एटीएम की सहायता से उन देशों की लोकल करेंसी मैं अपना धन एक्सचेंज कर सकते हैं । जिससे हमारी करेंसी की समस्या दूर हो जाएगी ।

    बिटकॉइन सारांश

    इस प्रकार  हमने इस पोस्ट में आज जाना कि बिटकॉइन की आवश्यकता क्यों पड़ी ? बिटकॉइन या क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल विश्व क्यों करता है ? इस सभी चीजों को हम हमने आज इस पोस्ट में पड़ा । आगे भी Bitcoin के बारे में जानेंगे तो हमारे इस ब्लॉग में बने रहे।

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